पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और पत्नी बुशरा बीबी को तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में 17 साल की सजा

इस्लामाबाद, 20 दिसंबर 2025

 

पाकिस्तान की एक विशेष अदालत ने पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान और उनकी पत्नी बुशरा बीबी को तोशाखाना-2 भ्रष्टाचार मामले में दोषी ठहराते हुए 17-17 साल की सजा सुनाई है। यह मामला सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान से प्राप्त महंगे उपहारों को कम मूल्यांकन पर खरीदकर बेचने से जुड़ा है। अदालत ने दोनों पर 1.64 करोड़ पाकिस्तानी रुपये (लगभग 42,600 पाउंड) का जुर्माना भी लगाया है।

मामले का बैकग्राउंड

तोशाखाना पाकिस्तान सरकार का एक विभाग है जो विदेशी नेताओं से प्राप्त उपहारों को संग्रहीत करता है। नियमों के अनुसार, सरकारी अधिकारियों को इन उपहारों को तोशाखाना में जमा करना होता है, और यदि वे इन्हें रखना चाहें तो बाजार मूल्य का एक निश्चित प्रतिशत भुगतान करना पड़ता है। इस मामले में, 2021 में सऊदी अरब की राजकीय यात्रा के दौरान बुशरा बीबी को मिले बुल्गारी ज्वेलरी सेट (मूल्य लगभग 80 मिलियन रुपये) को इमरान खान ने एक निजी फर्म के माध्यम से कम मूल्यांकन (केवल 2.9 मिलियन रुपये) पर खरीदा और फिर बेच दिया, जिससे राष्ट्रीय खजाने को नुकसान पहुंचा। यह तोशाखाना-1 मामले का दूसरा भाग है, जहां पहले भी इसी तरह के आरोप लगे थे।

अदालत का फैसला और सजा

रावलपिंडी की अडियाला जेल में सुनवाई के दौरान विशेष न्यायाधीश शहरुख अर्जुमंद ने फैसला सुनाया। इमरान खान (73 वर्ष) और बुशरा बीबी को पाकिस्तान दंड संहिता की धारा 34 (सामान्य इरादा) और 409 (विश्वासघात) के तहत 10 साल की कठोर कारावास की सजा दी गई, साथ ही भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 5(2) के तहत 7 साल की अतिरिक्त सजा। कुल 17 साल की सजा को मौजूदा अन्य सजाओं के साथ समवर्ती रूप से चलाया जाएगा। अदालत ने इमरान की उम्र और बुशरा की महिला होने के कारण सजा में कुछ नरमी बरती। जुर्माना न चुकाने पर अतिरिक्त जेल की सजा होगी। इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं और पहले से 14 साल की सजा (190 मिलियन पाउंड भ्रष्टाचार मामले में) काट रहे हैं।

प्रतिक्रियाएं और अपील की योजना

इमरान खान की पार्टी पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (पीटीआई) ने फैसले को ‘कंगारू कोर्ट’ का फैसला बताते हुए राजनीतिक रूप से प्रेरित करार दिया। पीटीआई नेताओं ने कहा कि सुनवाई बंद दरवाजों में हुई, वकीलों को मौजूद नहीं रहने दिया गया, और यह दोहरी सजा का उल्लंघन है। इमरान की बहन अलीमा खान ने बुशरा की एकांत कारावास की स्थिति पर चिंता जताई और जनता में असंतोष की चेतावनी दी। पीटीआई के वकील सलमान सफदर ने कहा कि वे इस्लामाबाद हाई कोर्ट में अपील करेंगे। दूसरी ओर, पाकिस्तान सरकार के सूचना मंत्री अत्ताउल्लाह तरार ने फैसले का स्वागत किया और इसे कानूनी प्रक्रिया का परिणाम बताया। इमरान खान ने सभी आरोपों से इनकार किया है और उन्हें राजनीतिक साजिश बताया है।

इमरान खान को अप्रैल 2022 में अविश्वास प्रस्ताव से हटाया गया था। तब से वे 100 से अधिक मामलों का सामना कर रहे हैं, जिसमें भ्रष्टाचार, आतंकवाद और राज्य रहस्य लीक करने के आरोप शामिल हैं। तोशाखाना-1 मामले में उनकी सजा अपील पर निलंबित है। पीटीआई ने पंजाब में विरोध प्रदर्शन की योजना बनाई है। यह फैसला पाकिस्तान की राजनीति में और तनाव बढ़ा सकता है, जहां इमरान के समर्थक उन्हें लोकप्रिय नेता मानते हैं।

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