शिलांग/ताशखाई, 5 फरवरी 2026
मेघालय के पूर्वी जयंतिया हिल्स जिले के ताशखाई (या थांगस्कू) क्षेत्र में गुरुवार को एक अवैध रैट-होल कोयला खदान में हुए भीषण विस्फोट में कम से कम 16 मजदूरों की मौत हो गई है। घटना के बाद राहत एवं बचाव कार्य तेजी से जारी हैं, जिसमें एनडीआरएफ, एसडीआरएफ, पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीमें जुटी हुई हैं। अधिकारियों का कहना है कि मृतकों की संख्या बढ़ सकती है, क्योंकि खदान के अंदर कई मजदूर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है।

हादसा अवैध खनन के दौरान विस्फोटक (संभावित डायनामाइट) के इस्तेमाल से हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों और वीडियो फुटेज में मजदूरों के चीखने-चिल्लाने और मदद मांगने की आवाजें सुनाई दी हैं। अधिकांश मृतक और फंसे मजदूर असम के प्रवासी बताए जा रहे हैं। एक घायल मजदूर को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र से शिलांग के अस्पताल में रेफर किया गया है।
अबतक के अपडेट:
- मृतकों की संख्या: 16 (कई स्रोतों से पुष्टि, कुछ शुरुआती रिपोर्टों में 10 बताई गई थी, लेकिन बाद में बढ़कर 16 हुई)।
- घायल: कम से कम 1 (गंभीर हालत में)।
- फंसे मजदूर: सैकड़ों की संख्या में आशंका, सटीक संख्या अभी स्पष्ट नहीं।
- कारण: अवैध रैट-होल कोयला खनन में विस्फोटक का उपयोग, जिससे खदान ढह गई।
- राहत कार्य: एनडीआरएफ की तीन टीमें मौके पर पहुंचीं। पुलिस अधीक्षक विकास कुमार ने पुष्टि की कि खोज और बचाव अभियान जारी है।
मेघालय के मुख्यमंत्री कोनराड के. सांगमा ने घटना की गहन जांच के आदेश दिए हैं। उन्होंने कहा, “जिम्मेदार लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। जान-माल की सुरक्षा में कोई समझौता नहीं होगा।” राज्य सरकार ने अवैध खनन पर पहले से सुप्रीम कोर्ट की निगरानी के बावजूद ऐसे हादसों पर चिंता जताई है।
यह क्षेत्र “रैट-होल” खनन के लिए कुख्यात है, जहां संकरी सुरंगों में मजदूर काम करते हैं और अक्सर हादसे होते हैं। हाल के महीनों में भी इसी जिले में छोटे-मोटे हादसे रिपोर्ट हुए थे, लेकिन यह अब तक का सबसे बड़ा नुकसान वाला मामला लगता है।
