बजट 2026-27: विकास की रफ्तार बढ़ाने पर जोर, कैपेक्स में रिकॉर्ड बढ़ोतरी, कोई बड़ा टैक्स राहत नहीं

नई दिल्ली, 1 फरवरी 2026

 

वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज संसद में वित्त वर्ष 2026-27 का आम बजट पेश किया। यह उनका लगातार नौवां बजट है, जो ‘विकसित भारत 2047’ के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है। सीतारमण ने अपनी स्पीच में ‘तीन कर्तव्य’ का जिक्र किया – आर्थिक प्रतिस्पर्धा बढ़ाना, लोगों की आकांक्षाओं को पूरा करना और हर परिवार, समुदाय व क्षेत्र को संसाधनों तक पहुंच सुनिश्चित करना। हालांकि, आम आदमी के लिए कोई बड़ा ऐलान नहीं हुआ, जैसे आयकर में छूट या बड़े पैमाने पर सब्सिडी। बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर, डिफेंस और मैन्युफैक्चरिंग पर फोकस है, लेकिन टैक्स फाइलिंग में आसानी, रेलवे प्रोजेक्ट्स और नई स्कीम्स का जिक्र किया गया।

सीतारमण ने करीब 85 मिनट तक स्पीच दी, लेकिन कोई सीधा चुनावी ऐलान नहीं किया। वे तमिलनाडु की प्रसिद्ध कांजीवरम साड़ी पहनकर लोकसभा पहुंचीं, लेकिन आगामी चुनावों (जैसे पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में होने वाले) पर सीधा असर डालने वाली घोषणाएं नहीं कीं। बजट का कुल आकार 53.5 लाख करोड़ रुपये है, जिसमें नेट टैक्स रसीदें 28.7 लाख करोड़ रुपये अनुमानित हैं। फिस्कल डेफिसिट को जीडीपी का 4.3% तक सीमित रखने का लक्ष्य है, जबकि डेब्ट-टू-जीडीपी रेशियो 55.6% रहेगा।

बजट की प्रमुख घोषणाएं:बजट में विकास को गति देने के लिए कई बड़े ऐलान किए गए हैं। यहां मुख्य हाइलाइट्स:

  1. कैपिटल एक्सपेंडिचर (कैपेक्स) में रिकॉर्ड बढ़ोतरी: कैपेक्स को 2 लाख करोड़ रुपये तक बढ़ाया गया, जो पिछले साल के 11.2 लाख करोड़ से अधिक है। इससे इंफ्रास्ट्रक्चर को बूस्ट मिलेगा, जिसमें सात पर्यावरण-अनुकूल पैसेंजर रेल कॉरिडोर, एक डेडिकेटेड ईस्ट-वेस्ट फ्रेट कॉरिडोर और 20 नेशनल वाटरवेज शामिल हैं। रेलवे प्रोजेक्ट्स पर खास फोकस है, जो रोजगार और कनेक्टिविटी बढ़ाएंगे।
  1. डिफेंस सेक्टर को बूस्ट: रक्षा मंत्रालय के लिए 84 लाख करोड़ रुपये का आवंटन, जो पिछले साल से 15.3% अधिक है। इससे मेक इन इंडिया को मजबूती मिलेगी।
  1. मैन्युफैक्चरिंग और टेक सेक्टर: सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग के लिए ISM 2.0 स्कीम लॉन्च। इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट्स मैन्युफैक्चरिंग स्कीम का आवंटन 40,000 करोड़ रुपये। रेयर अर्थ कॉरिडोर ओडिशा, केरल, आंध्र प्रदेश और तमिलनाडु में स्थापित किए जाएंगे। क्लस्टर-बेस्ड केमिकल पार्क्स बनाए जाएंगे।
  1. टैक्स और फाइनेंशियल रिफॉर्म्स: इनकम टैक्स रेट्स में कोई बदलाव नहीं, लेकिन टैक्स फाइलिंग में सहूलियत के लिए नया इनकम टैक्स एक्ट 1 अप्रैल से लागू हो सकता है। पर्सनल यूज के लिए इंपोर्टेड ड्यूटीएबल गुड्स पर टैरिफ 20% से घटाकर 10%। विदेशी कंपनियों को भारत में डेटा सेंटर्स से क्लाउड सर्विसेज देने पर 2047 तक टैक्स हॉलिडे। पर्सन्स रेजिडेंट आउटसाइड इंडिया (PROIs) के लिए इनवेस्टमेंट लिमिट 10% से बढ़ाकर 24%।
  1. हेल्थ और एनवायरनमेंट: बायोफार्मा शक्ति स्कीम लॉन्च, जो भारत को बायोफार्मा मैन्युफैक्चरिंग हब बनाएगी। स्टील और सीमेंट सेक्टर में कार्बन कैप्चर के लिए 20,000 करोड़ रुपये का आवंटन। आयुर्वेदिक AIIMS जैसी स्कीम्स का जिक्र नहीं, लेकिन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और R&D में निवेश बढ़ाने का ऐलान। दिव्यांगों के लिए असिस्टिव डिवाइसेस का प्रोडक्शन बढ़ाने के लिए ALIMCO को सपोर्ट।
  1. अन्य प्रमुख ऐलान: इंफ्रास्ट्रक्चर रिस्क गारंटी फंड की स्थापना। CPSEs के रियल एस्टेट एसेट्स के लिए डेडिकेटेड REITs। ऑरेंज इकोनॉमी (क्रिएटिव इंडस्ट्रीज) को बूस्ट देने के उपाय। जॉब क्रिएशन, एग्रीकल्चर, मैन्युफैक्चरिंग और डिजिटल ट्रांसफॉर्मेशन पर फोकस।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बजट को ‘रिफॉर्म एक्सप्रेस’ के लिए नया ईंधन बताया। बाजार ने बजट पर मिश्रित प्रतिक्रिया दी, शेयर बाजार में गिरावट देखी गई। विशेषज्ञों का कहना है कि यह बजट फिस्कल डिसिप्लिन बनाए रखते हुए ग्रोथ को प्राथमिकता देता है, लेकिन आम आदमी को तत्काल राहत नहीं मिली। कुल मिलाकर, बजट ‘सबका साथ, सबका विकास’ के मंत्र पर आधारित है, जो लंबे समय में अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा।

 

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