नई दिल्ली, 15 मार्च 2026
भारतीय चुनाव आयोग (ECI) ने रविवार को पांच राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों — असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल — में विधानसभा चुनाव 2026 का पूरा कार्यक्रम घोषित कर दिया है। मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने विज्ञान भवन, नई दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस में यह जानकारी दी। चुनाव आयोग ने पिछले 2021 के मुकाबले कम चरणों में वोटिंग कराने का फैसला किया है, ताकि प्रक्रिया सुचारू और कम समय में पूरी हो सके।
चुनाव कार्यक्रम मुख्य बिंदु:
- केरल, असम और पुडुचेरी: सिंगल फेज में 9 अप्रैल 2026 को मतदान होगा।
- तमिलनाडु: सिंगल फेज में 23 अप्रैल 2026 को वोट डाले जाएंगे।
- पश्चिम बंगाल: दो फेज में मतदान — पहला फेज 23 अप्रैल 2026 और दूसरा फेज 29 अप्रैल 2026 को।
- मतगणना: सभी राज्यों/केंद्रशासित प्रदेशों के लिए 4 मई 2026 को होगी।
इस घोषणा के साथ ही इन सभी क्षेत्रों में मॉडल कोड ऑफ कंडक्ट (MCC) तुरंत लागू हो गया है। कुल मिलाकर इन चुनावों में लगभग 17.4 करोड़ से अधिक मतदाता हिस्सा लेंगे, और 2.19 लाख से ज्यादा पोलिंग स्टेशन बनाए जाएंगे।
राज्यों की स्थिति और महत्व:
- असम (126 सीटें): हिमंता बिस्वा शर्मा की BJP सरकार तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है। AAP, कांग्रेस और AIUDF जैसे दल चुनौती देंगे।
- केरल (140 सीटें): पिनारयी विजयन की LDF सरकार बनाम UDF (कांग्रेस गठबंधन) का मुकाबला।
- पुडुचेरी (30 सीटें): N. रंगासामी की AINRC सरकार बनाम कांग्रेस और अन्य।
- तमिलनाडु (234 सीटें): एम.के. स्टालिन की DMK सरकार बनाम AIADMK और BJP गठबंधन।
- पश्चिम बंगाल (294 सीटें): ममता बनर्जी की TMC सरकार बनाम BJP, कांग्रेस-लेफ्ट गठबंधन। दो फेज में वोटिंग से सुरक्षा और प्रशासनिक चुनौतियां कम होंगी।
चुनाव आयोग ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) के बाद की स्थिति
चुनाव आयोग की स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) प्रक्रिया के बाद तमिलनाडु में सबसे ज्यादा वोटरों के नाम मतदाता सूची से कटे हैं। यह पांच चुनाव वाले राज्यों (तमिलनाडु, पश्चिम बंगाल, केरल, असम और पुडुचेरी) में सबसे ऊपर है।
SIR प्रक्रिया के बाद अंतिम मतदाता सूची के आधार पर
- तमिलनाडु:
- 27 अक्टूबर 2025 को फ्रोजन रोल में कुल मतदाता: 6,41,14,587 (लगभग 6.41 करोड़)।
- SIR के दौरान कुल नाम हटाए गए: 74,07,207 (74 लाख से ज्यादा)।
- अब कुल पंजीकृत मतदाता: 5,67,07,380 (लगभग 5.67 करोड़)।
- यह नेट डिलीशन सबसे ज्यादा है, मुख्य कारण: मृतक, स्थानांतरित/अनुपस्थित, डुप्लिकेट एंट्रीज। (ड्राफ्ट में 97 लाख+ नाम कटे थे, लेकिन क्लेम्स-ऑब्जेक्शन्स के बाद अंतिम में 74 लाख पर स्थिर।)
- पश्चिम बंगाल: दूसरे स्थान पर, करीब 58-63 लाख नाम कटे (ड्राफ्ट में 58 लाख+, अंतिम में 63.66 लाख+ तक पहुंचे, कुल 7.04 करोड़ मतदाता बचे)।
- केरल: लगभग 8-9 लाख नाम कटे (अंतिम में करीब 3.22% डिलीशन, कुल ड्रॉप 8-9 लाख के आसपास)।
- असम: 2 लाख के आसपास नाम कटे (कुछ रिपोर्ट्स में 2.4 लाख तक, स्पेशल रिवीजन SR के तहत)।
- पुडुचेरी: सबसे कम, लगभग 77 हजार नाम कटे (कुछ डेटा में 7.5% डिलीशन के अनुपात में)।
यह SIR 2025-2026 की दूसरी फेज का हिस्सा है, जो 27 अक्टूबर 2025 से शुरू हुई और जनवरी 2026 तक क्लेम-ऑब्जेक्शन चले। अंतिम रोल फरवरी 2026 में जारी हुए। तमिलनाडु में ड्राफ्ट स्टेज पर 97 लाख+ डिलीशन सबसे ज्यादा चर्चा में रहे, लेकिन अंतिम में थोड़ा कम होकर 74 लाख पर आए।
