ओड़िसा/आंध्र प्रदेश, 27 अक्टूबर 2025
बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से में 24 अक्टूबर को उत्पन्न हुआ निम्न दाब का क्षेत्र (Low Pressure Area) अब तेजी से गंभीर चक्रवाती तूफान (Severe Cyclonic Storm – SCS) में तब्दील हो चुका है। चक्रवात मोंथा (Cyclone Montha) नामक यह तूफान अगले 24-36 घंटों में अत्यधिक गंभीर चक्रवाती तूफान (Very Severe Cyclonic Storm – VSCS) की श्रेणी में पहुंच सकता है।
भारतीय मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, 28 अक्टूबर की रात या 29 अक्टूबर की सुबह यह तूफान ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के काकिनाड़ा के बीच तट से टकराएगा। लैंडफॉल के समय हवा की गति 100-110 किमी/प्रति घंटा रहेगी, जबकि झोंके 120-130 किमी/प्रति घंटा तक हो सकते हैं।
लैंडफॉल की चेतावनी
IMD ने रेड अलर्ट जारी करते हुए बताया कि मोंथा 28 अक्टूबर की रात या 29 अक्टूबर की सुबह ओडिशा के गोपालपुर और आंध्र प्रदेश के काकिनाड़ा के बीच तट से टकराएगा। लैंडफॉल के समय हवा की गति 100-110 किमी/प्रति घंटा रहेगी, झोंके 130 किमी/घंटा तक हो सकते हैं। तटीय इलाकों में 3 से 7 मीटर ऊंची तूफानी लहरें उठ सकती है।
प्रभावित क्षेत्र
- कोर जोन: गोपालपुर, गंजम, पुरी, काकिनाड़ा, यनम
- मध्यम प्रभाव: केंद्रपाड़ा, कटक, भद्रक, विशाखापट्टनम, विजयनगरम
- हल्का प्रभाव: छत्तीसगढ़, झारखंड के कुछ हिस्से
मौसम पूर्वानुमान
- 28 अक्टूबर: भारी से अति भारी बारिश (100-250 मिमी), तेज हवाएं
- 29 अक्टूबर: चरम स्थिति – 200+ मिमी बारिश, बाढ़, तूफानी ज्वार
- 30 अक्टूबर: बारिश कम, बाढ़ का खतरा बरकरार
सुरक्षा इंतजाम

सुरक्षा के नजरिये से अबतक 3 लाख से अधिक लोगों को सुरक्षित जगहों पर भेज दिया गया है। एनडीआरएफ की 18 टीमें ओड़िसा में आर 12 टीमें आंध्र प्रदेश में तैनात कर दी गयी है। दोनों राज्यों के तटीय इलाकों की 52 ट्रेनें रद्द कर दी गयी है।
