नई दिल्ली, 30 नवंबर 2025
श्रीलंका में भयानक तबाही मचाने के बाद चक्रवात ‘दितवाह’ आज (30 नवंबर 2025) तमिलनाडु-पुडुचेरी तट से टकराने की कगार पर है। भारत मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार, यह चक्रवात दक्षिण-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में धीमी गति से उत्तर की ओर बढ़ रहा है और सुबह तक उत्तरी तमिलनाडु, पुडुचेरी तथा दक्षिण आंध्र प्रदेश के तटों के निकट पहुंच जाएगा। वर्तमान में यह कराईकल से लगभग 80 किमी पूर्व तथा पुडुचेरी से 160 किमी दक्षिण-पूर्व में स्थित है।
चक्रवात के प्रभाव से तमिलनाडु के कई तटीय जिलों में तेज हवाओं (80-100 किमी/घंटा) के साथ मूसलाधार बारिश हो रही है। चेन्नई सहित कई इलाकों में बाढ़ की स्थिति पैदा हो गई है। आईएमडी ने तमिलनाडु के कुद्दालोर, मयिलादुथुरै, विल्लुपुरम, चेंगलपट्टू तथा पुडुचेरी के लिए रेड अलर्ट जारी किया है, जबकि चेन्नई, कांचीपुरम, तिरुवल्लुर, तंजावुर, तिरुचिरापल्ली, रानीपेट सहित अन्य जिलों के लिए ऑरेंज अलर्ट है। अगले 24 घंटों में अलग-अलग स्थानों पर 20-30 सेमी तक बारिश की संभावना है।

यात्रा पर भारी असर: 54 उड़ानें रद्द, ट्रेन सेवाएं प्रभावित
- चेन्नई अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर चक्रवात के कारण 54 उड़ानें रद्द कर दी गई हैं, जिनमें 36 घरेलू और 11 अंतरराष्ट्रीय उड़ानें शामिल हैं। इंडिगो एयरलाइंस ने जाफना, पुडुचेरी, तूतीकोरिन, तिरुचिरापल्ली तथा चेन्नई से जुड़ी कई उड़ानों को रद्द किया है।
- दक्षिणी रेलवे ने 28-29 नवंबर को कई ट्रेनों को रद्द या आंशिक रूप से संशोधित किया है। रामेश्वरम-ओखा एक्सप्रेस रद्द हो गई, जबकि रामेश्वरम-चेन्नई सेक्टर की 11 ट्रेनों का प्रस्थान स्थान बदल दिया गया है।
- यात्रियों से अपील: एयरलाइंस और रेलवे की वेबसाइट पर स्टेटस जांचें।
शिक्षा व्यवस्था ठप: स्कूल-कॉलेज बंद
चक्रवात की चेतावनी के मद्देनजर तमिलनाडु के कई जिलों में स्कूल और कॉलेज बंद कर दिए गए हैं।
प्रभावित जिले:
- पूर्ण अवकाश: पेरंबलुर, तिरुवारूर, नागापट्टिनम, मयिलादुथुरै, कुद्दालोर, कल्लाकुरिच्ची, पुडुकोट्टई, पुडुचेरी, कराईकल।
- स्कूलों में अवकाश: विल्लुपुरम, तंजावुर, तिरुचिरापल्ली।
- पुडुचेरी सेंट्रल यूनिवर्सिटी ने 29 नवंबर को निर्धारित सभी परीक्षाएं स्थगित कर दी हैं।
मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन ने प्रभावित जिलों में मंत्रियों को तैनात कर दिया है। राज्य सरकार ने एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की 28 टीमें तैनात की हैं, जबकि पुणे और वडोदरा से 10 और टीमें चेन्नई पहुंच रही हैं। स्वास्थ्य विभाग ने सभी सरकारी अस्पतालों में 24×7 मेडिकल टीमें तैनात की हैं।
श्रीलंका में भयावह स्थिति: 153 मौतें, भारत की त्वरित सहायता
श्रीलंका में चक्रवात ने भारी तबाही मचाई है। अब तक 153 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 191 लापता हैं। भारी बारिश (300 मिमी से अधिक) से भूस्खलन और बाढ़ आई, जिससे 5 लाख से ज्यादा लोग प्रभावित हुए। कोलंबो सहित कई इलाकों में बिजली-पानी आपूर्ति बाधित है। राष्ट्रपति अनुरा कुमारा डिसनायके ने पूरे देश में इमरजेंसी घोषित कर दी है।भारत ने तत्काल सहायता शुरू की है। ‘ऑपरेशन सागर बंधु’ के तहत वायुसेना ने 21 टन राहत सामग्री (खाद्य, दवाएं) और 80 एनडीआरएफ जवान कोलंबो भेजा। आईएनएस विक्रांत और आईएनएस उदयगिरि सहायता के लिए तैनात हैं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शोक व्यक्त करते हुए कहा, “हम श्रीलंका के साथ खड़े हैं।”
फंसे भारतीयों का उद्धार: 300 यात्री एयरपोर्ट पर
श्रीलंका में लगभग 300 भारतीय यात्री कोलंबो के बांडारनायके अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर फंस गए हैं। इनमें 150 तमिलनाडु के निवासी शामिल हैं, जो दुबई से चेन्नई लौट रहे थे। उड़ानें रद्द होने से तीन दिनों से भोजन-पानी की कमी हो रही है। भारतीय उच्चायोग ने हेल्प डेस्क स्थापित किया है। कार्यवाहक उच्चायुक्त सत्यनजल पांडे ने यात्रियों से मुलाकात की और भोजन-पानी उपलब्ध कराया। आपातकालीन संपर्क: +94 773727832 (व्हाट्सएप)।
केरल के 60 से अधिक निवासी भी फंसे हैं। मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर से त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है।
