नई दिल्ली, 27 दिसंबर 2025
कांग्रेस की सर्वोच्च निर्णय लेने वाली संस्था कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की महत्वपूर्ण बैठक शनिवार को नई दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) मुख्यालय इंदिरा भवन में आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता पार्टी अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने की, जिसमें कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।
बैठक में मुख्य रूप से तीन मुद्दों पर गहन चर्चा हुई:
मनरेगा की जगह लाया गया नया कानून: हाल ही में संसद द्वारा पारित विकसित भारत गारंटी फॉर रोजगार एंड आजीविका मिशन (ग्रामीण) एक्ट, 2025 (VB-G RAM G) के खिलाफ पार्टी की आगे की रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। यह नया कानून यूपीए सरकार के फ्लैगशिप प्रोग्राम महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी अधिनियम (मनरेगा) की जगह ले रहा है। कांग्रेस ने इसे ग्रामीण गरीबों और मजदूरों पर हमला करार देते हुए देशव्यापी आंदोलन की योजना बनाई। खड़गे ने बैठक में कहा कि मनरेगा को समाप्त करना महात्मा गांधी का अपमान है और गरीबों के पेट पर लात मारने जैसा है। पार्टी इस मुद्दे पर जन जागरण अभियान, पदयात्राएं और सभाएं आयोजित करने की तैयारी कर रही है।
मतदाता सूची का विशेष गहन पुनरीक्षण (Special Intensive Revision – SIR): चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे SIR अभियान पर चिंता जताई गई। खड़गे ने इसे लोकतंत्र और मतदाताओं के अधिकारों पर साजिश बताया, विशेषकर गरीब, दलित, आदिवासी, पिछड़े और अल्पसंख्यक वर्गों के नाम काटे जाने की आशंका पर। पार्टी कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया गया कि वे घर-घर जाकर मतदाता सूची की जांच करें और सुनिश्चित करें कि किसी योग्य मतदाता का नाम न कटे।
आगामी विधानसभा चुनाव: वर्ष 2026 में असम, केरल, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु और पुडुचेरी में होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारियों पर फोकस किया गया। पार्टी ने इन राज्यों में एकजुट होकर मजबूत रणनीति बनाने का संकल्प लिया। हाल की बिहार चुनाव हार के बाद संगठनात्मक कमियों को दूर करने पर भी जोर दिया गया।
बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री जैसे कर्नाटक के सिद्धारमैया, तेलंगाना के रेवंत रेड्डी और हिमाचल प्रदेश के सुखविंदर सिंह सुक्खू के अलावा शशि थरूर जैसे वरिष्ठ सांसद भी शामिल हुए।
