बंगाल चुनाव घोषणा से ठीक 45 मिनट पहले ममता बनर्जी का बड़ा दांव: पुरोहितों-मुअज्जिनों का मानदेय बढ़ाया, सरकारी कर्मचारियों का बकाया डीए मार्च से भुगतान

कोलकाता, 15 मार्च 2026

 

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तारीखों की घोषणा से महज 45 मिनट पहले मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने रविवार दोपहर दो बड़े लोक कल्याणकारी फैसले लेकर सियासी तीर चलाया। चुनाव आयोग की प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले ममता ने एक तरफ हिंदू पुरोहितों (पुजारियों) और मस्जिदों के मुअज्जिनों को मिलने वाले मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की घोषणा की, और दूसरी तरफ राज्य के सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों, शिक्षकों सहित अन्य कर्मचारियों के लंबे समय से बकाया डियरनेस अलाउंस (डीए) का भुगतान इसी मार्च 2026 से शुरू करने का ऐलान किया।

ममता बनर्जी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट कर पहली घोषणा की, जिसमें उन्होंने कहा, “मैं खुशी के साथ घोषणा करती हूं कि हमारे पुरोहितों और मुअज्जिनों को राज्य सरकार द्वारा दिए जाने वाले मासिक मानदेय में 500 रुपये की बढ़ोतरी की जा रही है। ये हमारे समुदायों की आध्यात्मिक और सामाजिक जीवन को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस संशोधन के बाद अब वे प्रति माह 2,000 रुपये प्राप्त करेंगे।” उन्होंने यह भी कहा कि सभी नई आवेदन जो पुरोहितों और मुअज्जिनों द्वारा जमा किए गए थे, उन्हें भी मंजूरी दे दी गई है।

इसके तुरंत बाद, लगभग 3:05 बजे (चुनाव आयोग की 4 बजे की प्रेस कॉन्फ्रेंस से करीब 55 मिनट पहले), ममता ने दूसरी घोषणा की कि राज्य सरकार ROPA-2009 पे स्ट्रक्चर के तहत लंबित डीए एरियर्स का भुगतान मार्च 2026 से शुरू करेगी। यह फैसला राज्य के लाखों सरकारी कर्मचारियों, पेंशनभोगियों और शिक्षकों के लिए राहत लेकर आया है, जिन्हें वर्षों से डीए का बकाया मिलना बाकी था।

ये घोषणाएं ठीक उसी समय हुईं जब चुनाव आयोग ने असम, केरल, पुडुचेरी, तमिलनाडु और पश्चिम बंगाल के विधानसभा चुनावों का शेड्यूल जारी किया, जिसमें बंगाल में दो फेज (23 और 29 अप्रैल) में वोटिंग और 4 मई को रिजल्ट तय हुआ है। TMC सूत्रों का कहना है कि ये कदम चुनावी तैयारियों को मजबूत करने और विभिन्न वर्गों में अपनी पैठ बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा हैं।

विपक्षी दल BJP ने इन घोषणाओं को “चुनावी लालच” करार दिया है, जबकि TMC इसे “जनहित में फैसला” बता रही है। राज्य में कुल 294 सीटों पर चुनाव होने हैं, और ममता बनर्जी की TMC तीसरी बार सत्ता बरकरार रखने की कोशिश में है।

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