मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने जारी किया पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 का घोषणा पत्र: ‘दीदी के 10 वचन’ में महिलाओं, किसानों और युवाओं पर फोकस

कोलकाता, 20 मार्च 2026

 

तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) की सुप्रीमो और पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने विधानसभा चुनाव 2026 के लिए पार्टी का घोषणा पत्र जारी कर दिया है। इस घोषणा पत्र को ‘दीदी के 10 वचन’ (Didi ke 10 Vachan या Didi’r 10 Angikar) नाम दिया गया है, जो पार्टी की पुरानी परंपरा को जारी रखते हुए जनता से किए गए 10 प्रमुख वादों पर आधारित है।

यह घोषणा पत्र टीएमसी की कल्याणकारी योजनाओं की निरंतरता, बंगाल की संस्कृति की रक्षा और विकास पर केंद्रित है। ममता बनर्जी ने इसे जारी करते हुए कहा कि टीएमसी सरकार ने पहले ही लाखों लोगों को लाभ पहुंचाया है और अब इसे और मजबूत बनाकर चौथी बार सत्ता में वापसी करेंगे। पार्टी ने 291 सीटों पर उम्मीदवार उतारे हैं और 226 से ज्यादा सीटों पर जीत का लक्ष्य रखा है।

‘दीदी के 10 वचन’ की प्रमुख बातें (मुख्य वादे):

  1. महिलाओं के लिए सुरक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण — लक्ष्मीर भंडार योजना में बढ़ोतरी जारी, महिलाओं को मासिक सहायता बढ़ाकर और ज्यादा परिवारों को कवर करने का वादा।
  2. युवाओं के लिए रोजगार और शिक्षा — स्टूडेंट्स क्रेडिट कार्ड योजना का विस्तार, 5 लाख से ज्यादा नए रोजगार सृजन, युवाओं को अप्रेंटिसशिप और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस।
  3. किसानों की आय दोगुनी — स्वामीनाथन आयोग की सिफारिशें लागू, किसानों को सालाना 10,000 रुपये से ज्यादा सहायता, एमएसपी पर मजबूत नीति और फसल बीमा।
  4. सभी गरीब परिवारों को मुफ्त आवास — ‘स्वप्न भवन’ जैसी योजनाओं का विस्तार, हर जरूरतमंद को पक्का मकान।
  5. स्वास्थ्य और शिक्षा में सुधार — स्वस्थ्य साथी योजना को और मजबूत, मुफ्त इलाज और उच्च शिक्षा में SC/ST के लिए बढ़ी छात्रवृत्ति।
  6. राशन और गैस सिलेंडर — BPL परिवारों को सालाना 10 मुफ्त गैस सिलेंडर, डोरस्टेप राशन डिलीवरी और गरीबों के लिए मुफ्त राशन।
  7. श्रमिकों के लिए बेहतर मजदूरी — मनरेगा में 100 दिन काम की गारंटी, दैनिक मजदूरी ₹400 तक बढ़ाने का वादा।
  8. बंगाल की संस्कृति और पहचान की रक्षा — CAA, NRC और UCC जैसे केंद्रीय कानूनों को राज्य में लागू नहीं होने देने का वादा, बंगाल की भाषा-संस्कृति पर जोर।
  9. आर्थिक विकास और निवेश — नई इंडस्ट्रीज लाकर रोजगार, इंफ्रास्ट्रक्चर पर फोकस, बेरोजगारी कम करने के लिए बड़े प्रोजेक्ट्स।
  10. सामाजिक न्याय और समावेशी विकास — पिछड़े वर्गों, अल्पसंख्यकों और महिलाओं के लिए विशेष योजनाएं, पुरानी योजनाओं की रक्षा और नई सुविधाएं।

यह घोषणा पत्र टीएमसी की पुरानी सफल योजनाओं जैसे कन्याश्री, लक्ष्मीर भंडार, स्वस्थ्य साथी और दुआरे सरकार पर आधारित है, जिन्हें और मजबूत करने का वादा किया गया है। ममता बनर्जी ने इसे ‘जनता का घोषणा पत्र’ बताया और कहा कि यह विकास vs व्यवधान की लड़ाई है।

विपक्षी दल भाजपा ने इसे ‘पॉपुलिस्ट वादे’ करार दिया है, जबकि टीएमसी इसे ‘जनता की आवाज’ बता रही है। पूरी रिपोर्ट और घोषणा पत्र की डिटेल्स टीएमसी की आधिकारिक वेबसाइट aitcofficial.org पर उपलब्ध हैं। चुनाव अप्रैल में दो चरणों में होंगे।

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