मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का पश्चिम बंगाल दौरा: लगातार विरोध, काले झंडे और ‘गो बैक’ नारे; कालीघाट, दक्षिणेश्वर और बेलूर मठ में प्रदर्शन

कोलकाता, 10 मार्च 2025
पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 की तैयारियों की समीक्षा के लिए मुख्य चुनाव आयुक्त (सीईसी) ज्ञानेश कुमार तीन दिवसीय दौरे (8 से 10 मार्च 2026) पर कोलकाता पहुंचे हैं। इस दौरान उन्हें लगातार विरोध का सामना करना पड़ा, जहां TMC कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने काले झंडे लहराए, ‘गो बैक’ (वापस जाओ) और ‘ज्ञानेश कुमार वापस जाओ’ जैसे नारे लगाए। विरोध मुख्य रूप से चुनाव आयोग द्वारा चलाए जा रहे स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन (SIR) मतदाता सूची संशोधन के खिलाफ है, जिसे TMC ‘लोकतंत्र विरोधी’ बता रही है।
दौरे का विस्तृत कार्यक्रम और घटनाक्रम:

  • रविवार, 8 मार्च (आगमन दिवस):
    मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार चुनाव आयुक्तों सुखबीर सिंह संधू और विवेक जोशी के साथ रविवार शाम कोलकाता पहुंचे। हवाई अड्डे से होटल (न्यू टाउन क्षेत्र) जाते समय काफिले को काले झंडे दिखाए गए और ‘गो बैक’ नारे लगाए गए। VIP रोड के कैखाली इलाके में भी TMC समर्थकों ने विरोध प्रदर्शन किया। TMC विधायक तपस चटर्जी ने कहा कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी मध्य कोलकाता में धरना दे रही हैं और आयोग ‘लोकतंत्र का हत्यारा’ है।
  • सोमवार, 9 मार्च:
    • सुबह: कालीघाट काली मंदिर में पूजा-अर्चना। मुख्य निर्वाचन अधिकारी मनोज अग्रवाल के साथ पहुंचे CEC को मंदिर परिसर के बाहर प्रदर्शनकारियों ने घेर लिया। काले झंडे लहराए गए, ‘गो बैक’ नारे लगे और पोस्टर दिखाए गए। पुलिस ने भीड़ को नियंत्रित किया। मंदिर से निकलते हुए ज्ञानेश कुमार ने कहा, “पश्चिम बंगाल के सभी भाइयों-बहनों को नमस्कार। देवी काली सबको आशीर्वाद दें। जय भारत, जय हिंद।”
    • दिन में: राजनीतिक दलों, प्रवर्तन एजेंसियों, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों और पुलिस के साथ बैठकें। आयोग ने हिंसा-मुक्त चुनाव का संकल्प दोहराया और राजनीतिक दलों से सहयोग का आश्वासन लिया।
  • मंगलवार, 10 मार्च (तीसरा दिन):
    • सुबह: बेलूर मठ (हावड़ा जिला) में दर्शन और पूजा।
    • इसके बाद दक्षिणेश्वर काली मंदिर पहुंचे, जहां फिर काले झंडे और ‘गो बैक’ नारे लगे। TMC कार्यकर्ताओं ने मंदिर के बाहर प्रदर्शन किया। यह लगातार तीसरा दिन था जब CEC को विरोध का सामना करना पड़ा।
    • दिन में: चुनाव तैयारियों की अंतिम समीक्षा बैठकें और अन्य कार्यक्रम। आयोग ने राज्य में शांतिपूर्ण चुनाव सुनिश्चित करने पर जोर दिया।

यह दौरा पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनावों से पहले महत्वपूर्ण है, जहां मतदाता सूची संशोधन और सुरक्षा व्यवस्था पर विवाद जारी है। TMC का आरोप है कि SIR प्रक्रिया में लाखों मतदाताओं को प्रभावित किया जा रहा है, जबकि आयोग इसे पारदर्शी प्रक्रिया बता रहा है। विरोध के बावजूद CEC ने सभी कार्यक्रम पूरे किए और कहा कि आयोग किसी भी हिंसा या धमकी को बर्दाश्त नहीं करेगा। दौरा समाप्त होने के बाद चुनाव आयोग जल्द ही पश्चिम बंगाल सहित अन्य राज्यों के चुनाव कार्यक्रम की घोषणा कर सकता है।

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