क्वेटा/नई दिल्ली, 2 फरवरी 2026
पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में अलगाववादी संगठन बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी (BLA) ने अपने ‘ऑपरेशन हेरोफ फेज 2’ को 40 घंटे से अधिक समय तक जारी रखने का दावा किया है। संगठन के प्रवक्ता जीयंद बलूच ने जारी बयानों में कहा है कि यह ऑपरेशन बलूचिस्तान के कई जिलों में सक्रिय है, जिसमें कोएटा, नोशकी, मस्तुंग, खारान, पंजगुर, ग्वादर, पासनी, तुर्बत, टंप, बुलेदा, मंगोचार, लसबेला, केच और अवारान जैसे इलाके शामिल हैं।
बीएलए ने दावा किया है कि इस ज्वांइट हमले में पाकिस्तानी सुरक्षा बलों को भारी नुकसान पहुंचाया गया है। संगठन के अनुसार, 200 से अधिक पाकिस्तानी सेना, पुलिस, फ्रंटियर कोर और खुफिया एजेंसियों के जवान मारे गए हैं, जबकि कम से कम 17-18 को जिंदा पकड़ा गया है। बीएलए ने कई सैन्य मुख्यालयों और पोस्टों पर कब्जे का भी दावा किया है, साथ ही कहा है कि पाकिस्तानी बलों की आवाजाही को गंभीर रूप से सीमित कर दिया गया है।
इस ऑपरेशन में महिला फिदायीन (सुइसाइड बॉम्बर्स) की भागीदारी को खास तौर पर उजागर किया गया है। बीएलए ने हवा बलूच (ग्वादर) और आसिफा मेंगल (नोशकी) जैसी महिला फिदायीन की तस्वीरें जारी की हैं, जिन्होंने आईएसआई मुख्यालय और अन्य सैन्य ठिकानों पर हमले किए। संगठन ने मजीद ब्रिगेड, फतेह स्क्वाड और एसटीओएस यूनिट के सदस्यों की भूमिका का जिक्र करते हुए कहा है कि 11 फिदायीन सहित कुल 18 उसके लड़ाके इस दौरान शहीद हुए हैं।
बीएलए ने कई सरकारी इमारतों, बैंकों और प्रशासनिक कार्यालयों को निशाना बनाने, 23 से अधिक सुरक्षा वाहनों को नष्ट करने और तटीय राजमार्ग पर लॉजिस्टिक्स को प्रभावित करने का भी दावा किया है। संगठन ने अपने कमांडर-इन-चीफ बशीर जेब बलूच का वीडियो जारी किया है, जिसमें उन्होंने बलूच महिलाओं और पुरुषों से “निर्णायक युद्ध” में शामिल होने की अपील की है।
दूसरी ओर, पाकिस्तानी अधिकारियों और बलूचिस्तान के मुख्यमंत्री सरफराज बुग्टी ने इन दावों को खारिज किया है। पाकिस्तानी सेना के अनुसार, सुरक्षा बलों ने 40 घंटे की लड़ाई में 145 से अधिक आतंकवादियों को मार गिराया है, जबकि उनकी तरफ से 15-17 सुरक्षा कर्मी और 31-33 नागरिक मारे गए हैं। पाकिस्तानी पक्ष ने बीएलए के कंट्रोल के दावों को प्रचार बताया है और कहा है कि स्थिति नियंत्रण में है।
यह ऑपरेशन बलूचिस्तान में अलगाववादी गतिविधियों में एक बड़ा उछाल दर्शाता है, जहां महिला लड़ाकों की बढ़ती भागीदारी और समन्वित हमलों ने ध्यान खींचा है। विभिन्न स्रोतों के अनुसार, स्थानीय बलूच आबादी के कुछ हिस्सों और अन्य सशस्त्र संगठनों ने बीएलए के इस अभियान का समर्थन व्यक्त किया है।
स्थिति अभी भी तनावपूर्ण बनी हुई है, और दोनों पक्षों से आने वाले दावे स्वतंत्र रूप से सत्यापित नहीं हो पाए हैं। बलूचिस्तान में जारी अशांति क्षेत्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती बनी हुई है।
