कोलकाता/दक्षिण 24 परगना, 24 मई 2026
पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट (क्रमांक 144) पर रविवार को हुए मतगणना में भाजपा उम्मीदवार देबांग्शु पांडा ने भारी मतों से जीत दर्ज की। यह भाजपा के लिए इस सीट पर पहली जीत है। चुनाव आयोग के आंकड़ों के अनुसार, देबांग्शु पांडा को 1,49,666 वोट मिले, जबकि उनके निकटतम प्रतिद्वंद्वी सीपीआई(एम) के शंभुनाथ कुर्मी को मात्र 40,645 वोट प्राप्त हुए। भाजपा उम्मीदवार ने 1,09,021 वोटों के विशाल अंतर से जीत हासिल की।
पहले से चौथे नंबर पर पहुंची टीएमसी
- टीएमसी का प्रदर्शन: तृणमूल कांग्रेस के जहांगीर खान (जिन्हें पुष्पा राज के नाम से जाना जाता है) चौथे स्थान पर रहे और उनकी जमानत जब्त होने की स्थिति बन गई। उन्होंने मात्र कुछ हजार वोट ही हासिल किए।
- कांग्रेस तीसरे स्थान पर: कांग्रेस उम्मीदवार अब्दुर रज्जाक मुल्ला तीसरे स्थान पर रहे।
- मतदान: यह सीट मूल रूप से 29 अप्रैल को हुए मतदान के दौरान ईवीएम छेड़छाड़ और अनियमितताओं के आरोपों के बाद पुनर्मतदान (रिपोल) के लिए गई थी। 21 मई को हुए रिपोल में भारी सुरक्षा व्यवस्था के बीच मतदान हुआ। मुख्य बातें:
यह परिणाम राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि फालता दक्षिण 24 परगना क्षेत्र की सीट है जहां टीएमसी का मजबूत गढ़ माना जाता था। भाजपा नेताओं ने इस जीत को टीएमसी के ‘डायमंड हार्बर मॉडल’ के अंत के रूप में मनाया। इस जीत से पश्चिम बंगाल विधानसभा में भाजपा की सीटों की संख्या बढ़कर 208 हो गई है।
फालता विधानसभा सीट पर पुनर्मतदान (Repoll) क्यों हुआ?
29 अप्रैल 2026 को दूसरे चरण के मतदान के दौरान फालता (दक्षिण 24 परगना) सीट पर बड़े पैमाने पर चुनावी अनियमितताएं और धांधली के आरोप लगे। इन गंभीर उल्लंघनों के कारण चुनाव आयोग ने पूरे क्षेत्र (सभी 285 मतदान केंद्रों) का मतदान रद्द कर दिया और 21 मई 2026 को पूर्ण पुनर्मतदान का आदेश दिया था।
