ढाका, 17 नवंबर 2025
बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (ICT) आज पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना और उनके दो सहयोगियों के खिलाफ मानवता के खिलाफ अपराधों के मामले में अपना बहुप्रतीक्षित फैसला सुनाएगा। यह फैसला पिछले साल जुलाई-अगस्त में हुए छात्र-नेतृत्व वाले आंदोलन (जुलाई विद्रोह) के दौरान प्रदर्शनकारियों पर हुई कथित क्रूर कार्रवाई से जुड़ा है। अभियोजन पक्ष ने हसीना के लिए मौत की सजा की मांग की है।शेख हसीना (78 वर्षीय) वर्तमान में भारत में शरण लिए हुए हैं और उनका मुकदमा गैर-हाजिर (in absentia) चल रहा है। उनके साथ पूर्व गृह मंत्री असदुज्जमां खान कमाल और पूर्व पुलिस महानिरीक्षक चौधरी अब्दुल्लाह अल-मामुन भी आरोपी हैं। मामुन ने राज्य गवाह बनकर अपना बयान दर्ज कराया है।
फैसले का लाइव प्रसारण और बड़े स्क्रीन
- ट्रिब्यूनल का फैसला सुबह 11 बजे से शुरू होगा।
- फैसले का हिस्सा राज्य संचालित बांग्लादेश टेलीविजन (BTV) पर लाइव प्रसारित किया जाएगा।
- संस्कृति मंत्रालय के निर्देश पर ढाका के कई प्रमुख स्थानों पर बड़े स्क्रीन लगाए गए हैं, जहां लोग फैसला देख सकेंगे।
- ट्रिब्यूनल की आधिकारिक फेसबुक पेज पर भी स्ट्रीमिंग होगी।
देश में जबरदस्त तनाव और सुरक्षा व्यवस्था
फैसले से पहले बांग्लादेश में तनाव चरम पर है। हसीना की पार्टी अवामी लीग (जो अब प्रतिबंधित है) ने लॉकडाउन का आह्वान किया था, जिसके बाद से ढाका और अन्य शहरों में आगजनी, क्रूड बम विस्फोट और हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं। पिछले कुछ दिनों में बसों में आगजनी, ग्रामीण बैंक मुख्यालय पर बम धमाके और अन्य हमले हुए हैं। अंतरिम सरकार के मुख्य सलाहकार मोहम्मद यूनुस की सरकार ने पूरे देश में सुरक्षा कड़ी कर दी है। सेना, बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (BGB) और पुलिस को तैनात किया गया है। ढाका मेट्रोपॉलिटन पुलिस कमिश्नर शेख मोहम्मद सज्जत अली ने देखते ही गोली मारने का आदेश (shoot-on-sight) जारी किया है। यह आदेश आगजनी, कॉकटेल बम फेंकने या पुलिस/नागरिकों पर हमले करने वालों के लिए है। कमिश्नर ने कहा, “जो जान लेने की नीयत से हिंसा करेगा, उसे गोली मार दी जाएगी – यह कानून में स्पष्ट रूप से दिया गया अधिकार है।” अंतरिम सरकार के गृह सलाहकार जहांगीर आलम चौधरी ने कहा कि फैसला जो भी हो, उसे लागू किया जाएगा। सरकार ने हसीना की प्रत्यर्पण मांग की है, लेकिन भारत ने अभी कोई जवाब नहीं दिया।
शेख हसीना के बेटे की चेतावनी
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना के बेटे और अवामी लीग के सलाहकार सजीब अहमद वाजेद (जिन्हें जॉय के नाम से जाना जाता है) ने रविवार को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि अगर उनकी पार्टी अवामी लीग पर लगा प्रतिबंध नहीं हटाया गया, तो पार्टी समर्थक फरवरी 2026 में होने वाले राष्ट्रीय चुनावों को रोक देंगे। जॉय ने चेतावनी दी कि प्रदर्शन हिंसक रूप भी ले सकते हैं।
मामले की पृष्ठभूमि
पिछले साल जुलाई-अगस्त में कोटा सुधार विरोधी छात्र आंदोलन ने हिंसक रूप ले लिया था। संयुक्त राष्ट्र की रिपोर्ट के अनुसार, इस दौरान 1400 तक लोग मारे गए। हसीना पर आरोप है कि उन्होंने पुलिस और अवामी लीग कार्यकर्ताओं को प्रदर्शनकारियों पर गोली चलाने का आदेश दिया। पांच आरोपों में हत्या, हत्या का प्रयास, यातना और मानवता के खिलाफ अन्य कृत्य शामिल हैं। हसीना ने सभी आरोपों को खारिज किया है और ट्रिब्यूनल को “कंगारू कोर्ट” बताया है। वे दावा करती हैं कि हिंसा यूनुस समर्थकों ने भड़काई थी।
