काबुल/इस्लामाबाद, 17 मार्च 2026
अफगानिस्तान की राजधानी काबुल में सोमवार रात (16 मार्च) पाकिस्तानी वायुसेना द्वारा की गई एयरस्ट्राइक ने भारी तबाही मचा दी है। तालिबान सरकार के उप-प्रवक्ता और अन्य अधिकारियों ने दावा किया है कि हमले में एक ड्रग रिहैबिलिटेशन हॉस्पिटल (नशा मुक्ति केंद्र) को निशाना बनाया गया, जिसमें कम से कम 400 लोगों की मौत हो गई और 250 से अधिक घायल हुए हैं।
हमले के प्रमुख विवरण
- स्थान: काबुल के कई इलाकों में धमाके हुए, जिनमें दारुलअमान, अरजान कीमत, खैरखाना और काबुल इंटरनेशनल एयरपोर्ट के आसपास के क्षेत्र शामिल हैं। लोकल मीडिया और प्रत्यक्षदर्शियों ने गोलीबारी और विस्फोटों की आवाजें सुनने की पुष्टि की है।
- निशाना: तालिबान के अनुसार, हमला मुख्य रूप से एक नशामुक्ति अस्पताल पर हुआ, जहां मादक पदार्थों की लत से पीड़ित मरीज इलाजरत थे। इसमें महिलाएं, बच्चे और आम नागरिक शामिल थे।
- तालिबान का बयान: अफगानिस्तान के डिप्टी गवर्नमेंट स्पोक्सपर्सन ने इसे “सीमा का उल्लंघन” और “युद्ध अपराध” करार दिया। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से जांच की मांग की है। क्रिकेटर राशिद खान ने भी इसे युद्ध अपराध बताते हुए निंदा की है।
- पाकिस्तान का पक्ष: पाकिस्तान ने इन आरोपों से इनकार किया है और कहा है कि हमले “सैन्य ठिकानों” और “आतंकवादी समर्थक साइटों” पर किए गए थे, जिसमें काबुल और नंगरहार प्रांत शामिल हैं। पाकिस्तान का दावा है कि यह कार्रवाई टीटीपी (तेहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान) जैसे आतंकी समूहों के खिलाफ है।
पृष्ठभूमि
यह हमला अफगानिस्तान और पाकिस्तान के बीच जारी सीमा विवाद और क्रॉस-बॉर्डर टकराव का हिस्सा है, जो फरवरी 2026 से तेज हो गया है। दोनों पक्ष एक-दूसरे पर आतंकवाद को बढ़ावा देने का आरोप लगा रहे हैं। हाल के हफ्तों में पाकिस्तानी एयरस्ट्राइक्स से अफगानिस्तान में सैकड़ों नागरिक हताहत हुए हैं, जबकि पाकिस्तान में टीटीपी हमलों से सुरक्षा बलों को नुकसान पहुंचा है।
संयुक्त राष्ट्र और अन्य अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने नागरिक हताहतों पर चिंता जताई है और दोनों पक्षों से संयम बरतने की अपील की है। स्थिति अभी तनावपूर्ण बनी हुई है और आगे के हमलों की आशंका है।
