आदित्य साहू बने झारखंड बीजेपी के प्रदेश अध्यक्ष, पूर्व सीएम अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और चंपाई सोरेन को मिली राष्ट्रीय परिषद् में जगह

रांची, 14 जनवरी 2026

 

राज्यसभा सांसद आदित्य साहू को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की झारखंड इकाई का नया प्रदेश अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। केंद्रीय मंत्री और पार्टी के राज्य चुनाव अधिकारी जुएल ओरम ने आज पार्टी मुख्यालय में राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के नामों सहित आदित्य साहू के नाम की आधिकारिक घोषणा की। यह नियुक्ति संगठनात्मक चुनाव प्रक्रिया के तहत निर्विरोध हुई, क्योंकि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए केवल आदित्य साहू ने ही नामांकन दाखिल किया था।

आदित्य साहू पिछले साल 3 अक्टूबर 2025 से झारखंड भाजपा के कार्यकारी अध्यक्ष के पद पर कार्यरत थे। वे बाबूलाल मरांडी की जगह लेंगे, जो वर्तमान में झारखंड विधानसभा में विपक्ष के नेता बने हुए हैं। बाबूलाल मरांडी आदिवासी नेता हैं, जबकि आदित्य साहू ओबीसी समुदाय से आते हैं। पार्टी सूत्रों के अनुसार, यह फैसला संगठन को मजबूत करने और विभिन्न वर्गों में संतुलन बनाने की दिशा में उठाया गया है।

नामांकन प्रक्रिया और घोषणा

मंगलवार (13 जनवरी) को नामांकन प्रक्रिया चली, जिसमें दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक समय था। जुएल ओरम ने नामांकन स्वीकार किए और बताया कि प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए सिर्फ एक नामांकन (आदित्य साहू का) प्राप्त हुआ। इसके अलावा राष्ट्रीय परिषद के सदस्यों के लिए 21 नामांकन आए। बुधवार को नामांकनों की जांच के बाद आधिकारिक घोषणा की गई।

जुएल ओरम ने कहा, यह भाजपा की वह विचारधारा है जहां बूथ स्तर का कार्यकर्ता भी प्रदेश अध्यक्ष बन सकता है। आदित्य साहू का सफर इसी का उदाहरण है।” घोषणा के दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया, और पारंपरिक नृत्य व ढोल-नगाड़ों के साथ जश्न मनाया गया।

आदित्य साहू का राजनीतिक सफर

आदित्य साहू मूल रूप से राम तहल चौधरी कॉलेज में प्रोफेसर रह चुके हैं। वे दो दशकों से अधिक समय से भाजपा से जुड़े हैं। 2019 से वे राज्य इकाई में सक्रिय रहे और 2022 में झारखंड से राज्यसभा सांसद चुने गए। उनका उदय बूथ स्तर से शुरू होकर अब प्रदेश अध्यक्ष तक पहुंचा है, जो पार्टी की ‘कार्यकर्ता से नेता’ वाली नीति को दर्शाता है।

राष्ट्रीय परिषद के नाम की घोषणा की

प्रदेश अध्यक्ष के साथ साथ केन्द्रीय मंत्री जुएल ओरम ने झारखंड से राष्ट्रीय परिषद के नाम की भी घोषणा की, जिसमें पूर्व मुख्यमंत्री अर्जुन मुंडा, रघुवर दास और चम्पाई सोरेन के नाम शामिल हैं। उनके साथ साथ करिया मुंडा,  अर्जुन मुंडा,  समीर उरांव,  यदुनाथ पांडेय, चम्पई सोरेन, संजय सेठ, रघुवर दास, दिनेशानंद गोस्वामी, मधु कोड़ा, पी एन सिंह, रविन्द्र राय, अमर कुमार बाउरी, नील कण्ठ सिंह मुंडा, भानु प्रताप साही, जितु चरण राम, अभय कांत प्रसाद, प्रदीप वर्मा, अनंत ओझा, अन्नपूर्णा देवी, दीपक प्रकाश और गीता कोड़ा को भी राष्ट्रीय परिषद में जगह मिली है।

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