नई दिल्ली, 30 जनवरी 2026
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण 1 फरवरी 2026 को अपना नौवां लगातार बजट पेश करने वाली हैं, जो एक ऐतिहासिक रिकॉर्ड होगा। आर्थिक सर्वेक्षण 2025-26 में जीडीपी विकास दर को 6.8-7.2 प्रतिशत अनुमानित किया गया है, जो वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की मजबूत आर्थिक स्थिति को दर्शाता है। इस बजट से आम आदमी, उद्योग और अर्थव्यवस्था के विभिन्न क्षेत्रों को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है। विशेषज्ञों के अनुसार, बजट में आर्थिक सुधारों पर जोर दिया जाएगा, जिसमें कर राहत, निवेश प्रोत्साहन और निर्यात को बढ़ावा शामिल हो सकता है।
यहां हम उन 5 संभावित बड़ी घोषणाओं पर नजर डालते हैं, जो बजट में हो सकती हैं।
- आयकर में बड़ी राहत: स्टैंडर्ड डिडक्शन और LTCG छूट में वृद्धि
मध्यम वर्ग के लिए सबसे बड़ी उम्मीद आयकर स्लैब में बदलाव है। विशेषज्ञों का मानना है कि स्टैंडर्ड डिडक्शन को 50,000 रुपये से बढ़ाकर 1 लाख रुपये किया जा सकता है, जबकि लॉन्ग टर्म कैपिटल गेन (LTCG) छूट सीमा को 1 लाख से 2 लाख रुपये तक बढ़ाया जा सकता है। इसके अलावा, सेक्शन 80D के तहत स्वास्थ्य बीमा डिडक्शन को बढ़ाने और ESOP कर राहत की घोषणा हो सकती है। यह कदम महंगाई के बीच वेतनभोगी वर्ग को राहत देगा
- कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं
बजट में कृषि को ‘अर्थव्यवस्था का पहला इंजन’ मानते हुए कई पहलें हो सकती हैं। किसानों के लिए नए निवेश, सब्सिडी और तकनीकी सहायता की घोषणा संभव है। इसके अलावा, कृषि निर्यात को बढ़ावा देने के लिए उत्पादन-लिंक्ड इंसेंटिव (PLI) स्कीम का विस्तार किया जा सकता है। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करेगा और रोजगार सृजन में मदद करेगा।
- MSME और निर्यातकों के लिए समर्थन पैकेज
छोटे और मध्यम उद्यमों (MSME) को क्रेडिट गारंटी को 20 करोड़ रुपये तक बढ़ाने और माइक्रो एंटरप्राइजेज के लिए 10 लाख क्रेडिट कार्ड (5 लाख रुपये सीमा) की सुविधा दी जा सकती है। निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कस्टम ड्यूटी स्लैब में कमी और MSME के लिए विशेष प्रोत्साहन पैकेज की उम्मीद है। यह आत्मनिर्भर भारत की दिशा में एक बड़ा कदम होगा।
- इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा में कैपिटल एक्सपेंडिचर बढ़ोतरी
बजट में इंफ्रास्ट्रक्चर विकास पर जोर रहेगा, जिसमें रक्षा क्षेत्र के लिए बड़े आवंटन शामिल हो सकते हैं। आर्थिक सर्वेक्षण में निवेश गतिविधियों को मजबूत बताया गया है, इसलिए रोड, रेल और एयरपोर्ट जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए अधिक फंडिंग की घोषणा हो सकती है। इससे रोजगार सृजन और आर्थिक विकास को गति मिलेगी।
- नवीकरणीय ऊर्जा और डिजिटल अर्थव्यवस्था में आत्मनिर्भरता
नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में ‘आत्मनिर्भरता’ को बढ़ावा देने के लिए नई नीतियां आ सकती हैं, जिसमें सौर ऊर्जा और बैटरी स्टोरेज के लिए सब्सिडी शामिल है। इसके अलावा, डिजिटल अर्थव्यवस्था में रोजगार सृजन के लिए AI और स्किल डेवलपमेंट पर फोकस रहेगा। यह वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच भारत की प्रतिस्पर्धात्मकता बढ़ाएगा।यह बजट मोदी सरकार के ‘विकसित भारत 2047’ के विजन को मजबूत करने वाला साबित हो सकता है।
हालांकि, ये अपेक्षाएं हैं और वास्तविक घोषणाएं बजट भाषण में ही स्पष्ट होंगी। बाजार और निवेशक इस बजट से सकारात्मक संकेतों की उम्मीद कर रहे हैं।
