रांची, 27 अक्टूबर 2025
चारदीवारी के अंदर भी छठ मइया की कृपा बरसेगी। झारखंड की जेलों में बंद कैदियों के लिए इस बार छठ महापर्व बेहद खास होने जा रहा है। राज्य के जेल प्रशासन ने 31 केंद्रीय, जिला और उप-कारागारों में बंद कैदियों के लिए छठ पूजा की समुचित और भावपूर्ण व्यवस्था की है।
इस वर्ष कुल 25 महिला कैदी और 31 पुरुष कैदी छठ व्रत कर रहे। सभी 56 व्रती भक्ति पूर्ण माहौल में जेल परिसर में ही सूर्य उपासना करेंगे। जेल प्रशासन ने इनके लिए पूजन सामग्री, नैवैध, फल, गन्ना, ठेकुआ और अर्घ्य अर्पित करने की पूरी व्यवस्था सुनिश्चित की है।
ये है पूरी सूची

क्या-क्या व्यवस्था की गई?
- पूजन सामग्री: दउरा, सूप, मिट्टी का हाथी-घोड़ा, दीपक, अगरबत्ती, चावल, सिंदूर आदि।
- नैवैध: ठेकुआ, मालपुआ, खरना के लिए खीर, मौसमी फल-सब्जियाँ।
- अर्घ्य स्थल: जेल परिसर में साफ-सुथरे स्थान पर अस्थायी घाट और जलाशय।
- सुरक्षा: महिला और पुरुष कैदियों के लिए अलग-अलग समय और स्थान।
- स्वास्थ्य: व्रतियों की नियमित चिकित्सकीय जाँच और आपातकालीन सुविधा।
जेल महानिदेशक ने कहा
“कैदियों के धार्मिक अधिकार संविधान द्वारा संरक्षित हैं। छठ पूजा उनके लिए आस्था और सुधार का माध्यम भी है।” जेल अधिकारियों के अनुसार, व्रत रखने वाले कैदियों में अधिकांश विचाराधीन हैं, जबकि कुछ सजायाफ्ता कैदी भी शामिल हैं। सभी ने स्वेच्छा से व्रत की इच्छा जताई थी।महिला कैदियों के लिए विशेष रूप से महिला वार्डन और स्टाफ तैनात किए गए हैं। पुरुष कैदियों की पूजा सुबह और शाम के अलग-अलग समय पर होगी ताकि सुरक्षा व्यवस्था बनी रहे।जेल सुधार विशेषज्ञों का मानना है कि ऐसे धार्मिक आयोजन कैदियों के मानसिक स्वास्थ्य और पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कई कैदी पहली बार जेल में रहते हुए भी छठ मइया की आराधना कर रहे हैं और इसे अपने जीवन में सकारात्मक बदलाव का अवसर मान रहे हैं।
