चाईबासा/रांची, 22 जनवरी 2026
झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम जिले के घने सारंडा जंगल में सुरक्षा बलों और भाकपा (माओवादी) के नक्सलियों के बीच हुई भीषण मुठभेड़ में बड़ा झटका लगा है। इस ऑपरेशन में एक करोड़ रुपये के इनामी कुख्यात माओवादी नेता अनल दा (उर्फ तूफान, उर्फ पतिराम मांझी, उर्फ पतिराम मरांडी) सहित कुल 15 माओवादी मारे गए हैं। मुठभेड़ छोटानागरा पुलिस थाना क्षेत्र में हुई, जहां सीआरपीएफ की कोबरा-209 बटालियन के जवानों ने नक्सलियों के दस्ते को घेरकर कार्रवाई की।
एक करोड़ के इनामी नक्सली थे अनल दा उर्फ पतिराम मरांडी

अनल उर्फ तुफान, उर्फ पतिराम मांझी, उर्फ पतिराम मराण्डी, उर्फ रमेश इस मुठभेड़ में मारे गये हैं। अनल दा भाकपा (माओवादी) की सेंट्रल कमेटी (CCM) का सदस्य था और लंबे समय से सुरक्षा बलों की मोस्ट वांटेड सूची में शीर्ष पर था। वह गिरिडीह जिले के झरहाबाले गांव का निवासी था, पिता का नाम टोटो मरांडी उर्फ तारू मांझी बताया जा रहा है। अनल दा वर्षों से सारंडा और गिरिडीह के जंगलों में सक्रिय था और उसके खिलाफ हत्या, विस्फोट, हथियार लूट और अन्य गंभीर अपराधों के दर्जनों मामले थे। झारखंड सरकार ने उसके सिर पर एक करोड़ रुपये का इनाम रखा हुआ था।
मुठभेड़ की जानकारी मिलते ही इलाके में सघन सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया है। सुरक्षा बलों ने हाई अलर्ट जारी कर अतिरिक्त बल तैनात किए हैं। प्रारंभिक रिपोर्ट्स के अनुसार, मारे गए अन्य नक्सलियों के शव और हथियार बरामद किए जा रहे हैं। ऑपरेशन अभी भी जारी है और और अधिक नक्सलियों के मारे जाने या गिरफ्तार होने की संभावना जताई जा रही है।
झारखंड पुलिस और सीआरपीएफ के संयुक्त अभियान में यह सफलता नक्सलवाद विरोधी अभियान के लिए महत्वपूर्ण मानी जा रही है। सारंडा जंगल लंबे समय से माओवादियों का प्रमुख गढ़ रहा है, जहां मिसिर बेसरा, अनमोल और अन्य टॉप लीडर सक्रिय हैं। इस मुठभेड़ से संगठन की कमान संरचना को बड़ा नुकसान पहुंचा है।
झारखंड के पुलिस महानिदेशक और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने इस कार्रवाई की पुष्टि की है और कहा है कि राज्य में नक्सलवाद को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान तेज किया जाएगा। स्थानीय प्रशासन ने इलाके में शांति बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सतर्कता बरती है।
