Mumbai Attack Mastermind Tahawwur Rana Updates: 26/11 मुंबई हमले के मास्टरमाइंड तहव्वुर राणा को अमेरिका से एनआईए की 7 सदस्यीय टीम दिल्ली आ रही है। यहां पहुंचने के बाद तहव्वुर राणा का मेडिकल कराया जाएगा और फिर एनआईए उसे कोर्ट में पेश करेगी। राणा को अमेरिका से भारत लाए जाने के बाद तिहाड़ जेल के उच्च सुरक्षा वाले वार्ड में रखा जा सकता है।
एडवोकेट नरेंद्र मान विशेष लोक अभियोजक नियुक्त
केंद्र सरकार ने एडवोकेट नरेंद्र मान को विशेष लोक अभियोजक नियुक्त किया है। सरकार की ओर से कहा गया कि केंद्र सरकार एडवोकेट नरेंद्र मान को राष्ट्रीय जांच एजेंसी की ओर से दिल्ली स्थित एनआईए विशेष अदालतों और अपीलीय अदालतों में तहव्वुर हुसैन राणा और डेविड कोलमैन हेडली के खिलाफ मामलों के लिए यह जिम्मेदारी सौंपती है। उन्हें एनआईए मामला आरसी-04/2009/एनआईए/डीएलआई (तहव्वुर हुसैन राणा और डेविड कोलमैन हेडली के खिलाफ) से संबंधित मुकदमे और अन्य मामलों के संचालन के लिए विशेष लोक अभियोजक के रूप में नियुक्त किया गया है।
बिरयानी नहीं मिलनी चाहिए, एनकाउंटर होना चाहिए… राणा के लिए किसने की ये मांग?
शिवसेना नेता और मुख्य प्रवक्ता राजू वाघमारे ने कहा कि पूछताछ के बाद राणा का बीच सड़क पर एनकाउंटर कर देना चाहिए। तहव्वुर राणा के भारत प्रत्यर्पण पर शिवसेना प्रवक्ता राजू वाघमारे ने मोदी सरकार को धन्यवाद देते हुए कहा, ‘पीएम मोदी की वजह आज हम एक आतंकवादी को भारत में प्रत्यर्पण करा पा रहे हैं। जिस शैतान को भारत में लाया जा रहा है, उसे कसाब की तरह बिरयानी नहीं देना चाहिए, चाहे संविधान में बदलाव ही क्यों न करना पड़े। इस शैतान का एनकाउंटर करना चाहिए। जनता के सामने इसे एक गोली नहीं, बल्कि सौ गोली मारना चाहिए, ताकि दुनिया में संदेश जाए कि हमारे देश पर अगर कोई गलत नजर से देखेगा, तो उसका क्या हाल होगा।’
26/11 मुंबई हमले के बड़े साजिशकर्ता तहव्वुर राणा को अमेरिका से दिल्ली लाया आ रहा है। यहां पहुंचने के बाद तहव्वुर राणा का मेडिकल कराया जाएगा और फिर एनआईए उसे कोर्ट में पेश करेगी। तहव्वुर हुसैन राणा को अमेरिका से भारत लाए जाने के बाद तिहाड़ जेल के उच्च सुरक्षा वाले वार्ड में रखा जा सकता है। जेल सूत्रों ने बुधवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि राणा (64) को जेल में रखने के लिए आवश्यक तैयारियां कर ली गई हैं और जेल अधिकारी अदालत के आदेश का इंतजार करेंगे।
तहव्वुर राणा का प्रत्यर्पण मोदी सरकार की बड़ी सफलता: अमित शाह
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने बुधवार को कहा कि 26/11 मुंबई आतंकवादी हमले के प्रमुख आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा का प्रत्यर्पण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सरकार की बड़ी सफलता है। राणा को बहुत जल्द ही अमेरिका से भारत लाए जाने की उम्मीद है, क्योंकि अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने उसे भारत प्रत्यर्पित करने के फैसले के खिलाफ उसके आवेदन को खारिज कर दिया है।
अमेरिकी जेल ब्यूरो की हिरासत में नहीं है तहव्वुर राणा: एजेंसी
अमेरिका में जेल ब्यूरो (बीओपी) ने कहा है कि मुंबई आतंकी हमले का आरोपी तहव्वुर हुसैन राणा उसकी हिरासत में नहीं है। राणा को अमेरिका से प्रत्यर्पित किया जा रहा है और संघीय जेल ब्यूरो की वेबसाइट पर दी गई जानकारी के अनुसार, राणा 8 अप्रैल, 2025 तक ‘बीओपी की हिरासत में नहीं है’। एजेंसी के एक अधिकारी ने बुधवार को ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि राणा जेल ब्यूरो (बीओपी) की हिरासत में नहीं है। अधिकारी ने कहा, ‘यदि किसी व्यक्ति को ‘रिहा’ या ‘बीओपी की हिरासत में नहीं’ के रूप में सूचीबद्ध किया जाता है और कोई स्थान नहीं दर्शाया गया है, तो कैदी अब बीओपी हिरासत में नहीं है, हालांकि, कैदी अब भी किसी अन्य आपराधिक न्याय प्रणाली/कानून प्रवर्तन इकाई की हिरासत में हो सकता है, या पैरोल या निगरानी रिहाई पर हो सकता है।’
कनाडाई नागरिक है राणा
64 साल का राणा कनाडाई नागरिक है। मुंबई हमलों के मामले में वह दूसरे मुख्य साजिशकर्ता डेविड कोलमन हेडली के बचपन का दोस्त भी है। आरोप है, हेडली और राणा ने पाकिस्तान स्थित आतंकी संगठन लश्कर-ए-तैयबा के साथ मिलकर मुंबई समेत भारत में कई जगहों पर आतंकी हमलों की साजिश रची थी। मुंबई में 2008 के 26/11 हमले में छह अमेरिकियों समेत कुल 166 लोगों की जान गई थी।
मुंबई के गुनहगार राणा को भारत लाया जा रहा
मुंबई के 26/11 आतंकी हमले के दोषी तहव्वुर राणा को अमेरिका से भारत लाया जा रहा है। सूत्रों ने बताया कि राणा को दिल्ली या मुंबई में रखे जाने की उम्मीद है। वह शुरू में NIA की हिरासत में रहेगा। इससे पहले गृह मंत्रालय में बुधवार को हलचल तेज रही। केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर और राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) अजीत डोभाल के साथ बैठक की। इस दौरान खुफिया ब्यूरो के डायरेक्टर तपन डेका और विदेश सचिव विक्रम मिस्री भी मौजूद रहे।
